Thursday, November 7, 2019

पटना के बोरिंग रोड चौराहे पर पेगेसस की नज़र

सुबह साढ़े सात बजे का चौराहा है। बोरिंग रोड, पटना ! स्टेशन उतरिये और बुद्धा पार्क के पार्किंग के पास ऑटो लगा रहेगा।
"ए, चौराहा.. चौराहा.. बोरिंग रोड.. एक आदमी.. एक आदमी भीया.. एक आदमी.. कुर्जी, बोरिंग रोड.. कुर्जी, बोरिंग रोड.. क्रिसना अपार्टमेंट.. एक आदमी, एक आदमी, एक आदमी.."
जिस एक आदमी का कमी है उसको पूरा कर दीजिए.. उस सीट को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का कुर्सी नहीं बनाइये। बैठ जाइए। पिछले विधान सभा चुनाव के समय कृष्णा अपार्टमेंट का किराया बारह रुपया था। अब पंद्रह हो गया है.. कुछ दिन में सत्तरह हो जाएगा। टेम्पो वाले समझदार हैं, एक रुपया का नया सिक्का नहीं लेते हैं। देने लगे तो लौटा दिया.. पूछे..
"ई पकिसतान के सिक्का हई का जी ?"
"न भीया, हियाँ कोई लेबे नहीं करता है, त हमहुँ नहीं लेते हैं।"
"ठीक करते हैं, सरकार पेगेसस, इजरायल से देख भी रही है कि के-के लेता है ई सिक्का ! जे ले लेगा उ राष्ट्रविरोधी कहलायेगा। बियाह हो गया है ?"
"हाहा न-न अभी कहाँ ?"
"बियाह होने के बाद ई फंडा छोड़ दीजिएगा की कोई नहीं ले रहा है त हम भी नहीं लेंगे।"
"हाहा.. न-न भीया एकदम सही कहे.. देखाहीसकी में सब चौंधिया गया है खाली।"
हँसने लगा सब, एक लड़की भी बैठी थी.. पटना पोलटेक्निक की, मुँह पर रुमाल रख कर हँसती है। दाँत में पिन लगा हुआ होगा.. हालांकि यह स्त्री होने की शर्त भी है.. फूहड़पन उनलोगों के निर्दिष्ट नहीं है।
सुबह-सुबह का चौराहा शांत है, लेकिन लोगों में हड़बड़ी है.. कॉरपोरेट जगत के लोग अपने-अपने बुल्लेट, पैशन प्रो इत्यादि से चौराहे पर मिल जाएंगे आपको। कोई अपने बच्चे को निर्धारित परिधान पहना कर निकला है.. हैंडल में एक लीटर वाला दूध का स्टील वाला केन है, तोंद बुल्लेट के टंकी पर है और दोनों बच्चों को पीछे बैठाए जा रहे हैं। ये बच्चे कुछ दूर जमाये गए आधुनिकता और अंग्रेज़ी के उद्योग में फेंक दिए जाने हैं जहाँ से वे बड़े होकर सोनाक्षी सिन्हा या संजय निरुपम बन कर निकलेंगे और बारहवीं तक 'स्टड' हो जाएंगे।
चौराहे पर खड़े कुछ लोगों की शादी नहीं हुई है और कुछ वैसे हैं जिनके साथ ये हादसा बीस-पच्चीस साल पहले ही हो चुका है.. वे पैकेट वाला दूध खरीदते हैं। एक लीटर का इकतालीस रुपया.. पाँच रुपया उसको ठंढा करने का। एक लीटर दूध हुआ छयालिस का ! खैर, इसमें मोदी 'जी' की कोई गलती है। वो इन सब चीजों में नहीं रहते हैं। वे आज-कल एकता कपूर के साथ सेल्फी लेने में व्यस्त हैं।
यहाँ कुछ नौजवान भी हैं.. बुल्लेट, R15, पल्सर, अपाचे इत्यादि.. ये अपाचे अमरीका के उन बाइस अपाचे में से नहीं है। लेकिन इस अपाचे और उस अपाचे में एक समानता दिखेगी, दोनों पर "Dad's Gift" लिखा हुआ रहेगा.. एक पर अंजना ओम कश्यप और संबित पात्रा लिखवाएंगे और एक पर 'स्टंटर बॉय आदिल' ने पहले से ही लिखवाया हुआ है.. ये लोग अब यहाँ कुछ देर में सिगरेट और चाय में घुलते पाए जाएंगे। फिर गोल्ड जिम में मार डंबल.. मार डंबल..
लड़कियाँ भी हैं.. सिमेज़, एमिटी, निफ्ट, जेडी वीमेंस और पटना वीमेंस कॉलेज की। गहरा आईलाइनर, छरहरा बदन, लाल-गुलाबी कपड़े, हाथ में मेहंदी और दस-पंद्रह हज़ार का मोबाइल, बस्ते में तीस की एक कॉपी और पाँच का कलम। दोनों मंदिर के पास फूल भी बिक रहा है.. दस का एक गुलाब। सस्ते इश्क़ की शुरुआत। पहले शिव मंदिर बड़ा था.. सड़क के चौड़ीकरण में सिकुड़ कर रह गया है। एक-दो रिक्से, तीन-चार बसें.. आठ-दस ऑटो, और.. और.. और.. और बहुत कुछ।
इन तमाम बातों को पाँच नम्बर वाले सवाल के जवाब में ऐसे लिखा जाएगा -
"बोरिंग रोड चौराहा दिल है। चाय का भाप, सिगरेट का धुआँ, कत्थे का गंध, गुलाब की खुश्बू, और बुल्लेट की ढक-ढक वाली आवाज़ इसकी आत्मा है। कैलिफोर्निया के वैज्ञानिकों के अनुसार 2050-2100 में जब धरती समुद्रमग्न हो जाएगी तब सिर्फ एक दिल और एक ही आत्मा अपने देह में बनी रहेगी। पटना वही देह है, और बोरिंग रोड चौराहा उसका दिल है।"

- मोहित / 08.11.19

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