63255 अप पटना-गया फ़ास्ट पैसेंजर। कल पटना गए हुए थे। कॉरपोरेट बंधुओं से भरी रहने वाली रेलगाड़ी। पटना-गया रेलखंड के जितने भी रोजगारी है सारे इसी से अपने घर लौटते हैं। शाम साढ़े छह बजे के बाद लोग अपनी गोद में गमछे फैला कर ताश जमा देते हैं। कुछ लोग मोबाइल में लूडो.. कुछ यूट्यूब पर 'आज तक लाइव' ! जो पाँच-सात के गुट में है वो राजनीतिक घटनाक्रम पर बात करता मिल जाएगा।
"मिसीर जी, नीतीश कुमार आदमी ठीक है.. बिहार का जितना उन्नति हुआ है सब नीतीश का ही देन है।"
"कर्पूरी बाबू और जगन्नाथ बाबू का कुछो नहीं ?"
तब तक तीसरा टपकेगा।
"मिसरा जी ठीक कह रहे हैं.. बिहार में यादवों का बोलबाला रहा है हमेशा से।"
बिहार की राजनीति पर चर्चा हो रही थी। बिहार की राजनीति का थोड़ा-बहुत इतिहास जानने का मौका मिला कल। पटना में तीन हाईवे बना है.. RTI का डेटा कुछ और कहता है, सरकार कुछ और। एक महाशय का घर गोपालगंज की तरफ था कहीं। नीतीश सरकार से काफी नाखुश हैं.. कहते हैं कि
"साला गांजा पीते-पीते दारू बंद कर दिया है। पहले सिर्फ शनिवार और एतवार को पीते थे अब रोज़ पीते हैं।"
कुछ देर बाद मिश्रा जी एक बात बोले..
"सरकारें कभी भी ठीक नहीं रही हैं, जिस दिन सत्ताधारी और विपक्ष चोरी करना बंद करदे उस दिन लोकतंत्र का जो राजनीतिकरण हुआ पड़ा है वो मर जायेगा। लोकतंत्र अकेला रहा जाएगा, और सरकारों को यह बात पचती नहीं है।" मिश्रा जी का यह कथन मुझमें घर कर गया। मैं रात से इसी पंक्ति को बार-बार दुहराता हूँ। पटना-गया रेलखंड में चलने वाली हरेक पैसेंजर ट्रेन में पाँच-पाँच डिब्बे बढ़ा दिए गए हैं। एक भाजपा समर्थक कह रहा था कि मोदी 'जी' का देन है। वो मसौढ़ी उतर गया बुदबुदाते हुए की अगले बिहार विधानसभा चुनाव में जब भाजपा यहाँ पूर्ण बहुमत से सरकार में आएगी तो 'पटना-गया रेलखंड' में कॉरपोरेट कर्मियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराएगी।
फिर कुछ देर तक बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की परिस्थिति और उनके आज की परिस्थिति पर चर्चा हुई। एक वरिष्ठ आदमी इस चर्चा में कूदते हुए चिल्लाये-
"टाट के लंगोटा आउ नबाब से यारी ?"
तब तक जहानाबाद आ चुका था, हम उतर गए..

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